Saturday, 15 December 2018

वाॅटर कलर तैयार करना / Water colour making business

वाॅटर कलर तैयार करना


प्राथमिक स्कूल से माध्यमिक स्कूल के दसवीं कक्षा तक के सभी छात्रों को चित्रकला विषय होता है। स्टेशनरी की दुकानों में मिलनेवाली यह छोटी उत्पादन परंतु स्कूल कालेज के विद्यार्थियों को अत्यावश्यक होने वाली यह चीज है। अभिभावक गरीब हो या अमीर स्कूल में सीखाने के लिये बच्चों को लगनेवाली हर शालोपयोगी चीज अपने बच्चों को लेकर देते है। इनमें से ही एक वाॅटर कलर है। अत्यंत आसान होने वाला इसका उत्पादन शुरू किया तो अच्छा नफा मिलता है। और बारहों महिने इसे मांग भी होती है।
वॉटर कलर बनाने की विधि
फाॅर्मुले के अनुसार प्रमाण लेकर सर्वप्रथम इसे पानी में गोंद मिलाया जाता है। गोंद पानी में पिघलाकर उसमें रंग डालिये। गोंद और रंग के मिश्रण में अच्छे दर्जे की शाडु की मिट्टी डालकर उसकी टूथपेस्ट जैसी पेस्ट तैयार कीजिये। यह पेस्ट वाॅटर कलर के सांचे में एक जैसी फैलाईये। प्लास्टिक अथवा धातु के सांचे शाडु रंग बेचने वाले होलसेल दुकानों मेें मिलते है। यह छोटे छोटे सांचे कम से कम 15 से 20 घंटे वैसे ही सुखाने के लिये रखिए। सांचे का मिश्रण सूखकर घुलमिल गया है क्या 00 यह थोड़ा सा उंगली से दबाकर देखिये। सूखी हुई पेस्ट के टुकड़े बड़ी के आकार के अनुसार इन्हें एक जैसे बिठाकर उपर से पुठ्ठे के खोके का पैकिंग कर लिजिये और अब यह बिक्री के लिये तैयार है।

मार्केट- शालोपयोगी चीजें और स्टेशनरी बेचनेवाली किसी भी रिटेल होलसेल व्यापारियों को मांग के अनुसार आपूर्ति करके उत्पन्न प्राप्त कीजिये।
लागत- कच्चा माल और सांचे इसके लिये 30 से 40 हजार की अनुमानित लागत लगेगी।
राॅ मटेरयिल- पिगमेंट रंग, गोंद पावडर, शाडू की मिट्टी और पानी।
साहित्य-साधन सामग्री- धातु या मजबूत फायबर के सांचे, छोटी बड़ी बर्तने आदि।
मनुष्यबल- एक कुशल और एक अकुशल मनुष्य की आवश्यकता है।
जगह- गृह उद्योग के रूप में व्यवसाय शुरू किया तो घर में ही 10 बाय 10 के कमरे में माल तैयार कर सकते हैं।
प्रशिक्षण- जहां से आप राॅ मटेरियल खरीदेंगे वहां पर आपको संपूर्ण जानकारी दे दी जायेगी। जिसे आप एक या दो बार कर के देखेंगे तो आपको आसान लगने लगेगा।
विज्ञापन- उत्पादन की मांग बड़ने पर ही बड़े विज्ञापन की आवश्यकता है। नहीं तो आर्डर के अनुसार माल तैयार किया तो विज्ञापनों पर खर्चा न करें।

आपकी एक छोटी शुरूवात कल के दिन बड़ा रूप ले सकती है। अगर आपको बिजनेस अच्छा लगा हो तो आप सोचिये जरूर और यदि कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट कर के जरूर बताये। 
राॅ मटेरियल यदि उपलब्ध न हो रहा हो तो भी कमेंट में बताये हम आपकी यथासंभव मदद करेंगे।

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उपांशु अग्रवाल


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