इवेंट मैनेजमेंट बिजनेस
रोजगार, नौकरी और व्यवसाय के पीछे आज पूरा विश्व दौड़ रहा है। बीस पच्चीस साल पहले हमारे घर शादी, सगाई, जन्मदिन ऐसा कोई भी कार्यक्रम हो तो मेहमान रिश्तेदार 3-4 दिन पहले ही आते थे। शादी व्याह जैसे में यह सब मेहमान मदद करते थे। कपड़े, शादी का अन्य साहित्य भोजन की सामग्री ऐसे शादी में लगने वाली सभी सामग्री की खरीददारी से लेकर प्रत्यक्ष भोजन तैयार करना, वह भोजन परोसना, बर्तन धोना, पंडाल डालना, सजावट करना, साहित्य सामग्री इकट्ठा करनाा इस प्रकार के सारे काम मेहमान, रिश्तेदार, मित्र करते थे। जग का जैसे आधुनिकीकरण और शहरीकरण हुआ है वैसे शादी जैसे कार्यक्रमों में से मेहमानों को मदद करने के लिये जाने को किसी के पास समय नहीं है। कार्यक्रम में दिन ही आमंत्रित लोग आते है। नमस्कार करके, हायॅ हैलो करके और भोजन करके चले जाने की पद्धति प्रचलित हो गयी है।
शादी जैसा समारोह हो तो बहुत सा नियोजन करना पड़ता है। घर के प्रमुख व्यक्ति को ये सब नियोजनें करते वक्त बहुत ही भाग दौड़ करनी पड़ती है। और घर का ही प्रमुख व्यक्ति किसी नौकरी में अथवा व्यवसायिक हो तो फिर ऐसे कार्यक्रमों का नियोजन बिगड़ जाता है। शादी समारोह अच्छी तरीके से हो उसके लिये अच्छी तरह से नियोजन करना पड़ता है। नियोजन न हो तो समारोह बिगड़ सकता हैै। व्यवस्था नहीं हुई तो लोग भला बुरा कहते हुए जाते है।
इसलिये आजकल हर बड़े छोटे कार्यक्रमों का नियोजन करना, सब व्यवस्था ठीक ठाक ढंग से करना इनका कांट्रेक्ट दिया जाता है। यह पद्धति थोड़ी मंहगी हो फिर भी अत्यंत व्यवस्थित नियोजन होता है। और जिसकें घर कार्यक्रम है उसे भाग दौड़ नहीं करनी पड़ती।
सभी प्रकार के कार्यक्रमों का नियोजन करके कार्यक्रम पूरा करना इसे ही इवेंट मैनेजमेंट कहते है।
मार्केट- हर घर में शादी जैसे कार्यक्रम कभी न कभी होते ही है, उन कार्यक्रमो के मैनेजमेंट का काम प्राप्त करने के लिये खुद का एक छोटा सा ऑफिस शुरू करके, अपने ऑफिस और अपने नाम के विजिटिंग कार्ड छाप के, शादी हाॅल, बर वधु सूचक संस्था, पंडित जी आदि को अपने कार्ड देकर और लोकल मीडिया में विज्ञापन निकलवाकर आप अच्छी शुरूवात कर सकते है।
राॅ मटेरियल- पंडाल, लाईट का साहित्य, स्पीकर सेट, बर्तन सेट और केटरिंग की आवश्यकता होती है । इसे आप शुरूआत के लिये किराये पर लीजिये फिर धीरे धीरे करके खरीद सकते है।
मशीनरी- जनरेटर, मिक्सर, साउंड सिस्टम, यातायात के लिये वाहनें, कैमरा, वीडियो कैमरा, बारात का वाहन, कम्प्यूटर।
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आपको बिजनेस पसंद आता है तो आप हमें कमेंट में जरूर बताये और इसकी और अधिक जानकारी के लिये आप हमसे संपर्क कर सकते है।
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उपांशु अग्रवाल
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